The smart Trick of Reprogram Subconscious Mind That No One is Discussing






Craft two extra mantras that Categorical the identical thought; use them interchangeably. Pick a location in One's body to floor the positivity. The place could be your coronary heart or your abdomen. Location your hand to the location while you repeat the mantra. Target the motion and swell with confidence.[four] If you are feeling that you will be never good enough, your mantras will be “I'm sufficient,” “I am deserving,” and “I am worth it.”

इंदुमती मेरे पैरो पर गिर पड़ी और रोकर बोली—मेरा कसूर माफ कर दो।

सुमति का गुस्सा तो बढ़ता ही जा रहा था. उसके हाथ काँप रहे थे जब वो अपने स्तनों को अपनी साड़ी से छुपाने की कोशिश कर रही थी. आज से पहले उसके लिए ये परिस्थिति कभी आई नहीं थी. पर एक अनजान आदमी की अनुपस्थिति में शायद वो थोड़ी डरी हुई थी. “क्या हुआ, सुमति? ये मैं हूँ. चैतन्य! मुझसे क्या शर्माना. अब तो एक महिना भी नहीं बचा है जब हम दोनों के बीच की सारी दीवारे ढह जाएँगी.

धीरे-धीरे दिल की यह कैफ़ियत भी बदल गयी और बीवी की तरफ से उदासीनता दिखायी देने लगी। घर में कपड़े नहीं है लेकिन मुझसे इतना न होता कि पूछ लूं। सच यह है कि मुझे अब उसकी खातिरदारी करते हुए एक डर-सा मालूम होता था कि कहीं उसकीं खामोशी की दीवार टूट न जाय और उसके मन के भाव जबान पर न आ जायं। यहां तक कि मैंने गिरस्ती की जरुरतों की तरफ से भी आंखे बंद कर लीं। अब मेरा दिल और जान और रुपया-पैसा सब फूलमती के लिए था। मैं खुद कभी सुनार की दुकान पर न गया था लेकिन आजकल कोई मुझे रात गए एक मशहूर सुनार के मकान पर बैठा हुआ देख सकता था। बजाज की दुकान में भी मुझे रुचि हो गयी।

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मैं नहीं चाहती कि शादी के बाद तुझे बदलना पड़े.”, कलावती ने प्यार से सुमति के सर पर हाथ फेरते हुए कहा. कलावती ने फिर सुमति के चेहरे को छूते हुए बोली, “मैं तो बहुत खुश हूँ कि मेरे मोहल्ले की सबसे प्यारी गुडिया सुमति जो मेरे बेटे के साथ खेला करती थी, मेरे घर की बहु बनने वाली है. मैं तो सिर्फ इस बारे में सोचा करती थी, मुझे पता नहीं था कि चैतन्य सच में तुझे बहु बनाकर लाएगा..”

उसका इस वक़्त कुछ भी पकाने का मन नहीं था. “रोहित, ज़रा माँ-बाबूजी का ध्यान रखना. मैं किचन में नाश्ता बनाती हूँ. तब तक तुम उन्हें पीने के लिए पानी तो लाकर दो.”, सुमति ने अपने भाई से कहा. और भाई ने सर हिलाकर हामी भर दी.

Touch your palms to the knees. Try again! You ought to arrange oneself into a cushty posture once you very first commence your meditation.

सुमति को आज बहुत more info काम करने थे इसलिए उसने एक हलकी क्रेप साड़ी पहनना तय किया. आज तो इस क्लब के लिए ख़ास दिन है. और आज इस क्लब में बहुत भीड़ भी होने वाली है. बेचारी सुमति को भी न आज न जाने कितने काम करने है. अगले एक घंटे में आदमियों का झूंड जो इकट्ठा हो जाएगा और फिर शुरू होगा उनका ट्रांसफॉर्मेशन सुन्दर औरतों में! कोई अनारकली पहन इठलायेगी, तो कोई बड़े से घेरे वाली लहंगा चोली पहन कर बलखाएगी, कोई छोटी छोटी वेस्टर्न ड्रेस पहन कर इतराएगी तो कोई फूल के प्रिंट वाली साड़ी पहन कर शर्माएगी या फिर साउथ इंडिया की सिल्क साड़ी पहन कर मुस्कुराएगी. जल्दी ही सुमति का घर उस घर में बदल जायेगा जहां मानो शादी की तैयारियां हो रही होगी और कहीं दुल्हन और उसकी सखियाँ सज संवर कर तैयार हो रही होगी.

किसी को भी याद नहीं कि वो कभी लड़का भी थी. हर किसी की नज़र में वो हमेशा से ही लड़की थी. ऐसा कैसे हो सकता है? कैसा मायाजाल है ये? क्या इस दुनिया में कोई भी नहीं जो पुरानी सुमति को जानता हो? सुमति के मन में हलचल बढती जा रही थी.

Set your cellular phone to silent. Stay away from using a pc or pill—they give you too many interruptions![nine]

सुमति वापस अपनी तैयारी में ध्यान देने लगी. पर उसका दिमाग उसे बेचैन किये जा रहा था. एक तरफ तो उसे अपने नए जिस्म में साड़ी पहनकर तैयार होते बड़ा अच्छा लग रहा था वहीँ दूसरी ओर, वो नाराज़ भी हो रही थी कि उसे अपने सास-ससुर के लिए तैयार होना पड़ रहा है, वो लोग जिनको वो जानती तक नहीं.

अब तो सुमति की माँ भी सुमति को बेटी के रूप में याद करती है. उसे तो याद तक नहीं कि सुमति उसका बड़ा बेटा थी. क्या ये सब सुमति के सपने सच करने के लिए हुआ है? या फिर इसके कुछ बुरे परिणाम भी होंगे? अब तो समय ही बताएगा.

We now recognize that almost everything while in the universe is made up of Electricity. Every little thing through the objects in your house, on the activities that take place to you personally, and in some cases our feelings are made up of vibrations of Vitality.

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